सावन की रिमझिम बौछारें...

सभी साहित्यशिरोमणियों को सादर नमन! सावन की भीगी-भीगी ऋतु में टीम शब्दकुसुम ने एक ई-प्रतियोगिता का आयोजन करने का निर्णय लिया है।

आप सभी साहित्यकार अपनी कविता, लघु कथा, लेख, ग़ज़ल, प्रेरक प्रसंग लिखिएं और प्रतियोगिता में हिस्सा लीजिएं।

विषय : सावन की रिमझिम बौछारें....

* कृपया अपनी रचनाएं मंच के मुख्य पृष्ठ पर 'लिखिए' में 'विचार-विमर्श' स्तंभ पर प्रेषित करें।
* आपकी प्रस्तुति विषय के अनुरूप हो तथा उससे धार्मिक, राजनितिक, सामाजिक या किसी अन्य स्तर पर  किसी की भी भावनाएं आहत न हो इसका विशेष ध्यान रक्खे।

प्रतियोगिता में सहभागिता हेतु नियम: सभी नियम पहले ध्यान से पढ़ें और अपनी सहभागिता का आनन्द लें।

सभी सहभागियों को विशेष प्रशस्तिपत्र से सम्मानित किया जायेगा।

* शब्दसीमा-अपनी रचना में शब्द सीमा को अनदेखा ना करें। कृपया सभी साहित्यकार विशेष ध्यान दें कि आपकी पद्य रचनाएँ 12 पंक्तियों से कम तथा 20 पंक्तियों से ज़्यादा न हों तथा गद्य रचनाएँ 100 शब्दों से कम तथा 600 शब्दों से ज्यादा न हो।
* समय सीमा-२० जून, २०२५ से 30 जून २०२५ तक।
* अपनी रचना प्रेषित करने से पहले व्याकरण और वर्तनी की अशुद्धियॉं अवश्य जांच लें।

*अपनी रचना को आकर्षक बनाने के लिए आप गूगल से कॉपीराइट फ्री तस्वीर ले सकते हैं परंतु कृपया चैलेंज वाली या अपनी तस्वीर न लगाएं।

*प्रतियोगिता सम्बंधित किसी भी जानकारी के लिए आप हमें  ईमेल कर सकते हैं👇

*अंतिम निर्णय निर्णायक मंडल का होगा। हमें आप सबकी मौलिक/ स्वरचित रचनाओं का इन्तज़ार रहेगा। 

*'कॉपीड कंटैंट' को सहभागिता/विजेता श्रेणी में नहीं रखा जाएगा। 

आप जो भी कविता, लघुकथा, लेख, ग़ज़ल, यात्रा वृतांत या संस्मरण प्रतियोगिता के लिए मंच पर ऊपर लिखे स्तंभ में पोस्ट करेंगे उस लेखन की पूरी तरह से जिम्मेदारी आपकी होगी। यदि किसी के द्वारा कॉपीराइट की शिकायत की जाती है तो उस रचना का लेखक खुद उसके लिए पूर्णत: जिम्मेदार होगा।

 अनन्त शुभकामनाओं के साथ...
 टीम शब्दकुसुम!

 

 

 

 

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