आकाशवाणी पर छोटी बहन की बाल-कविता की प्रस्तुति थी। आकाशवाणी की उद्घघोषिका ने बहन को इन पंक्तियों से निमंत्रित किया, "अब आपके सामने एक बालिका अपनी कविता प्रस्तुत करेगी" बहन मन ही मन मुस्कुरा कर रह गई! उसने स्वयं से कहा, "मेरे दो बालक मेरा घर पर इंतज़ार कर रहे हैं" और मुस्कुराकर अपनी बाल-कविता की उम्दा प्रस्तुति दी। छोटे कद की खूबसूरत बहन की आपबीती सुनकर हम सभी भाई-बहन खिलखिलाकर हँसने लगे!
स्वरचित तथा मौलिक,
कुसुम अशोक सुराणा, मुम्बई।