“ मेरा भारत महान ” (एक भाव)

“मेरा भारत महान" कहना चाहूं शब्दों के पैग़ाम से...


भारत अब है शासक न जाना जाता अब ग़ुलाम से 


शब्दों में भी जो बयां ना हो मेरा भारत भावों का वो देश है...


भारत के लिए लिखने को मेरे शब्द कुसुम ये पेश हैं...


बलिदानी वीरों की और तिरंगे की ये धरती है...


शरीर चाहे बलिदान होना , देश रहे अमर आत्मा ये कहती है... 


और लिखूं मेरे देश के लिए मेरी कलम ये कहती है...


महानता देख मेरे देश की विदेशी भी सिर झुकाते हैं...


गर्व है हमें हम भारत के रहने वाले हैं और भारतीय कहलाते हैं।।


जानवी कारयानी


द्वारा Janvi Karyani
Shared27 Jan 2025
Start 26 Jan 2025
End 26 Jan 2030
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