आया धागों का त्यौंहार
आया धागों का त्यौंहार 
सजे है धागे रंग बिरंगे 
उठ रही मन में प्रेम तरंगे 
गली -मोहल्ले हाट बाजार 
आया धागों का त्यौंहार।
 
सावन की पूनम शुभ आई 
भाई की सजी है कलाई 
देख बहना का प्यार 
आया धागों का त्यौंहार। 
 
जन्म -जन्म का गहरा नाता 
प्रेम बंध है सबको भाता
अंतर्मन भ्रात मनुहार
आया धागों का त्यौंहार। 
 
रक्षा कवच भैया का वादा 
निर्मल निश्चल प्रेम है सादा
करें दहलीज, पल -पल इंतजार 
आया धागों का त्यौंहार । 
 
अक्षत, कुमकुम तिलक लगाऊॅं 
हाथ कलाई राखी सजाऊॅं
नेह तार बॉंधे संसार
आया धागों का त्यौंहार। 
 
शुभ भविष्य का थाल  सजाऊॅं 
जन्म -जन्म का साथ निभाऊॅं 
भगिनी करे पुकार। 
आया धागों का त्यौंहार। 
 
बॅंधा है रिश्ता रेशम डोर 
पलकें भीगी, भगिनी कोर 
खुले हैं बहना, दिल के द्वार 
आया धागों का त्यौंहार । 
 
कनक पारख 
विशाखापट्टनम
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