तुमने कहा था
तुमने कहा था दिखाओ समर्थ बनकर
शक्ति की प्रतिरूप बनकर परिभाषित करो खुद को
तुमने कहा था संयम धरो जीवन में
मेरे बिना भी रह सकते हो, साबित करो खुद को

तुमने कहा था धैर्य की देवी बनों
शेरनी जैसी दहाड़ होनी चाहिए खुद में
तुमने कहा था स्वतंत्रता की परिभाषा बनों
संहारकारी देवी की प्रतिरूप लाओ खुद में

तुमने कहा था ममतामयी विनम्र स्वभाव धरो
आशीष भरी छाया होनी चाहिए खुद में
तुमने कहा था अद्वैत सत्य को पहचानो
ज्ञान-दीपक की ज्योति जलाओ खुद में

मैं चली साबित करने की राह में
चलते हुए पहले यह पता चला
पहले तो 'मैं' भाव से निकलो
आओ पहले खुद सत्य के शरण में।


द्वारा Sraboni Das
Shared05 Oct 2025
Start 05 Oct 2025
End 05 Oct 2030
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