दोहावली


जन सेवा की कामना, जीव दया का भान। 
खिलते फूलों सी महक, मेरी है पहचान।।


पायल की छमछम भरे, मन में प्यार दुलार।
मनहर नाद निनाद हैं, घुँघरू की झंकार ।।

चंचल जैन
इस पर लोग क्या कह रहे हैं