1. क्यों अस्त्र-शस्त्र-भण्डार पर बैठ, शान्ति-सन्देश दे रहे हो?
रक्तवर्णी अम्बर पर ऐठ, श्वेत कबूतर मुक्त कर रहे हो?
2. क्यों रासायनिक अस्त्र-शस्त्र-क्रय-विक्रय में व्यस्त हो?
विश्व-शान्ति-मशाल थामे, परमाणु युद्ध नौत रहे हो?
3. अधिनायकवाद के भ्रम में सूरदास बन भटक रहे हो!
अपनी चिता के लिए चन्दन-काष्ट ले भटक रहे हो!
4. राजनीति की चौसर बिछा छदम् युद्ध सुलगा रहे हो?
क्यों प्रकृति माँ के आँचल को रक्त से भीगा रहे हो?
5. क्यों अहम्-मद में मूल्यों को तिलान्जली दे रहे हो?
दशानन के कुलदीपक बन मनुज-बली दे रहे हो?
6. रूस या युक्रेन, इजराईल या ईरान वैर में कहाँ शान्ति?
रोते बच्चों के आँसुओं से धुली धगधगती धरती!
7. महामारी सीखा न सकी पाठ महानुभावों को अभी !
वातनुकुलित भवन में मुखावरण ओढ़े नायकों को भी!
8. विनाश की इस लीला में कैसे फेरे शान्ति की माला?
तन-मन घायल हो जब देख मानव-संघर्ष-लीला!
9. महाभारत या रामायण, कौन जीता, कौन हारा?
रणभूमि पर बिखरे जीर्ण-शीर्ण देह-पुष्प, रुधिर सारा!
10. 'जिसकी लाठी, उसकी भैस' शक्ति की कीमया सारी!
परमाणु सम्पन्न राष्ट्र विश्व में बन सकता शान्ति-पुजारी!
11. मुँह में राम, बगल में छूरी, ऐसे पड़ोसियों से रक्खो दूरी!
शक्ति-स्वरूपा माँ दुर्गा ही करें जगत में सिंह सवारी!