नवदुर्गा माँ
नवदुर्गा माँ

नवदुर्गा स्वागत बेला हैं, आओ रे।
घडी मंगला घट घर-घर में, लाओ रे।

मन में हर्षोल्लास खूब खुशियाँ छाई,
उत्सव मनभावन आनंद मनाओ रे।
 
माँ आरत में छप्पन भोग प्रसादी हो,
आँगन में रंगोली खूब रचाओ रे।

भक्ति गान अर्चन माता का, हो साथी,
माँ के मंगल भाव गीत मिल, गाओ रे।

दमके झिल-मिल दीप-पुष्प की, मालाएँ,
हर घर द्वारे वंदनवार सजाओ रे।

माता रानी कृपा सदा बरसायेगी,
शुभ कल्याणी भक्ति भावना, ध्याओ रे।

स्वरचित मौलिक रचना
चंचल जैन
मुंबई, महाराष्ट्र
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