2 3 5162 2 5162 हौले आई भोर नमन माँ शारदेदोहा छंद मुक्तक प्राची से रवि रश्मियां, आई हौले भोर।चेतन सारा जग हुआ, थामे जीवन डोर।।झूमे कलियां बाग में, महक रही है सृष्टि--मनभावन बरसात में, नाचे छमछम मोर।।चंचल जैन Label Directed by द्वारा चंचल जैन Shared16 May 2025 Start 16 May 2025 End 16 May 2030 The Critic’s Corner इस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें कुसुम सुराणा 17-May-2025 Comment Like वाह! बहुत खूब! Vibha Jain 09-Jun-2025 Comment Like बहुत सुन्दर रचना Jain Mikhil 08-May-2026 Comment Like बहुत सुंदर हौले आई भोर © टिप्पणी 400 characters remaining जमा करें रद्द करें