2 2 6875 2 6875 आओ गणपति देवा आओ गणपति देव, विघ्नहर्ता सुखदाता।भावे पुजते भक्त, सौख्य, विद्या, बल दाता।। हरने पीडा, शोक, पधारो तारणहारा।पूजा, स्तुति, गुण गान, भाव भक्ति नेह धारा।। स्वरचित मौलिक रचनाचंचल जैनमुंबई, महाराष्ट्र Label Directed by द्वारा चंचल जैन Shared13 Sep 2024 Start 13 Sep 2024 End 13 Sep 2029 The Critic’s Corner इस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें कुसुम सुराणा 13-Sep-2024 Comment Like1 सुन्दर छवि, सुन्दर प्रस्तुति Tanu Jain 26-Apr-2025 Comment Like वाह वाह! बहुत खूब! सुन्दर प्रस्तुति! आओ गणपति देवा © टिप्पणी 400 characters remaining जमा करें रद्द करें