होली: रंगों की बौछार, संस्कृती और भावनाएँ

रंगों की बौछार में, सजी है खुशियाँ हज़ार,
होली का त्योहार है, हर दिल में प्यार।
सतरंगी सपने बुनते हैं आकाश के पार,
जीवन को रंगीन करती है ये होली का त्योहार।

धूल और रंगों में बसी है एक पहचान,
संस्कृती की धारा, मिलती हर एक मानवता से सम्मान।
दुःख-सुख की परवाह किए बिना, सब हैं एक साथ,
संग मिलकर मनाते हैं हम, होली की मीठी बात।

हर रंग है एक संदेश, एक नई शुरुआत,
लाल रंग प्रेम की बात करे, हरा रंग है हरियाली का साथ।
नीला रंग गहरा सा, ग़म और शांति की पहचान,
पीला रंग खुशियाँ लाए, जैसे सूरज की पहली किरण।

दुआओं की बुनाई, प्यार की बुनियाद,
होली से सजी है हर दिल की सौगात।
रंगों में बसी है भावनाओं की बातें,
मिलकर हम सब संजोते हैं, इस पर्व की सच्ची सौगात।

संस्कृती का संदेश है ये, हर दिल में एक ही राग,
जो होली के रंगों में समाहित हो, वह सब हो जाए एक साथ।
रंगों की बौछार, संस्कृती और भावनाएँ,
राह दिखाती हैं हमें, सच्चे प्रेम की राह।


द्वारा Veena Jain
Shared15 Mar 2025
Start 15 Mar 2025
End 15 Mar 2030
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