प्रार्थना
राम नाम आधार जगत में 
क्यूँ मनु को मैं दास बनाऊं,
सेवा, जप, तप, त्याग परीक्षा 
क्यूँ मैं प्राणी जन को तड़पाऊं;

मन वैरी न आज्ञाकारी 
शीतलता इसमें भर पाऊं,
हे ईश्वर! इतनी शक्ति दे दो 
कि प्रेम भाव सबसे रख पाऊं;

हरि जीवन संघर्षो के 
पदचिन्हों का आधार धरू,
जन सेवा और मर्यादा का 
अनवरत नित मैं पाठ करूं;

आत्मज्ञान और यशकीर्ति का 
जीवन में उद्देश्य रखूं, 
लक्ष्य प्राप्ति तक इस माया से 
चंचल मन को दूर रखूं;

हे राम! इस कलियुग में मैं 
नित तेरे नाम का जाप करूँ,
सांसो के इन अनुपम क्षण को 
प्राणीमात्र पर कुर्बान करूं!

द्वारा Kapil Tiwari
Shared20 Sep 2025
Start 20 Sep 2025
End 20 Sep 2030
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