Theme 1: गुलाब "मुझे भी एक दिन गुलाब मिला था"
Theme 1: गुलाब 

"मुझे भी एक दिन गुलाब मिला था"

खुशियों का एक सैलाब मिला था...
मुझे भी एक दिन गुलाब मिला था...
हंसी बिखेरता चारों ओर...
सुंदर फूल एक नायाब मिला था...
कहने को सादा सा...
पर मन को वो मोह लेता है..
कभी उदास रहूं तो 
मुस्कुरा कर मुझे वो छोह देता है...
ये सिर्फ गुलाब नहीं....
मीठी यादों का एक पिटारा है...
जिसने समेटा खुद के अंदर....
भावों को ढेर सारा है...
सजाऊं इसको अपने बालों में...
या सहेज कर रखूं कहीं किताबों में...
गर पूछे कोई राज़ मेरे मृदु हास्य का...
तो इसे दिखा दूं उनके जवाबों में...

द्वारा Richa Malhotra
Shared07 Feb 2025
Start 07 Feb 2025
End 07 Feb 2030
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