जी ले.. फागण आयो, फागण आयो,
ब्रीज में मैया बसंत लायो ,
सब मिल गाओ, जशन मनाओ,
जलधारा से मन मैल मिटाओ,
ऊँच नीच का भेद मिटाओ,
भाईचारेका  अलख जगाओ|
फागन आयो, सन्देश लायो,
वैर भाव भूल, शंख बजाओ,
हिलमिल होली हर्ष मनाओ,
भांग ठंडाई का लुफ्त उठाओ,
ढोल नगाड़े संग सब मिल गाओ,
हास्य कविता सुन मन हर्षाओ|
झूम झूम सब रंग उछालो,
देवर भाभी,जीजा साली,
भार्या हो या  सखी सहेली,
रंगोंकी बारिश में भीगकर,
सभी लगे एकसी सुन्दर!
मस्ती का त्यौहार है प्यारे,
धूम धाम से इसे मनाले,
कल किसने देखा है प्यारे,
जी ले तू, आज को प्यारे!!

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