मुश्किल है

आज के इस जीवन की कड़वी सच्चाइयों को कुछ एक पंक्तियों में

प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा हूँ |  अर्ज किया है कि  -

 

जब लत चोरी की लग जाए ,

मेहनत से कमाना मुश्किल है |

जब जुबाँ चटोरी हो जाए ,

संयम से खाना मुश्किल है ||

 

रिश्तों में कमीं यकीन की हो ,

तो इन्हें निभाना मुश्किल है |

दिल में पड़ जाए गाँठ कभी ,

तो फिर सुलझाना मुश्किल है ||

 

इस भौतिकवादी दुनियां में ,

इज़्ज़त को बचाना मुश्किल है |

अध्यात्म की बातें कौन करे ,

ज़िंदा रह पाना मुश्किल है ||

 

लालच व मोह की दुनियां में ,

ईमान बचाना मुश्किल है |

इंसान की क्या औकात यहाँ ,

भगवान् बचाना मुश्किल है ||

 

सोलह सत्तरह की पींग चढ़े ,

यौवन को दबाना मुश्किल है |

जब आग लगी हो दिल में तो ,

पानी से बुझाना मुश्किल है ||

 

बीवी को बीते लम्हों की ,

हर बात बताना मुश्किल है |

किसके मायने वो क्या समझे ,

अंदाज़ लगाना मुश्किल है ||

 

हम प्यार तुम्हें कितना करते ,

तुमको समझाना मुश्किल है |

बस यूँ ही शक न किया करो ,

कहीं आना जाना मुश्किल है ||

 

चंद्र मोहन कत्याल

एल्डिको ग्रीन मीडोज, ग्रेटर नॉएडा



द्वारा chandra katyal
Shared19 Jul 2026
Start 18 Jul 2026
End 19 Jul 2027
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