धूप ने खिड़की से झाँका,
नई सुबह ने गीत सुनाया।
हर किरण ने बात कही,
जीवन को फिर से सजाया।
तारों ने जो स्वप्न बुने थे,
अब उजाले ने खोल दिए।
मन के कोने, जो थे सूने,
प्रेम की बारिश से बोल दिए।
कोयल की मीठी तान में,
छुपा कोई संदेश नया।
प्रकृति ने फिर पन्ना खोला,
जैसे लिखा हो ख़त सजा।
हर सुबह है एक कहानी,
हर पल में सौ रंग भरे।
उठो, चलो, फिर जी लो जीवन,
उम्मीदों के दीप जले।