2 2 6006 2 6006 गाये फाग नटखट मोहन, गोपी करते, होली का हुडदंग।धूम मची देखो गोकुल में, कान्हा बरसाये रंग।।प्रीत रंग में रंगे सारे, नवल रूप रच स्वांग।अलबेली ऋतु प्यारी, न्यारी, आओ गाये फाग।। Label Directed by द्वारा चंचल जैन Shared05 Mar 2025 Start 05 Mar 2025 End 05 Mar 2030 The Critic’s Corner इस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें Creativeinfo Demo 12-Oct-2025 Comment Like बहुत खूब! Pranal Jain 18-Apr-2026 Comment Like मनमोहक शब्दों से बयाँ करते सुन्दर ! बधाई गाये फाग © टिप्पणी 400 characters remaining जमा करें रद्द करें