महाकुंभ मेला

महाकुंभ मेला

महाकुंभ मेले में जाने के लिए हमारा मन आतुर हो रहा है। श्रद्धा, भक्ति, आस्था का त्रिवेणी संगम देख मन अभिभूत है। मन हो रहा है, पंख लगाकर हम भी महाकुंभ मेले में पहुँच जाये,पावन गंगा मैया में डुबकी लगाकर आये। श्रद्धालु बड़ी संख्या में वहां पहुँच रहें हैं, भारतीय संस्कृति, सनातन का उद्घोष हो रहा हैं। जय जयकार के गुंजन से सारा प्रयागराज हर्षित हैं। प्रयाग नगरी दुल्हन सी सजी हैं। सुरक्षा व्यवस्था, दर्शन व्यवस्था,आवास व्यवस्था सब कुछ अति सुन्दर हैं। भव्य, दिव्य, मन आलोकित करती महाआरती, पूजा पाठ हो रहा हैं। जनता, योगी, ज्ञानी, तपस्वी, बैरागी, साधु संत महामहिमों का इतना बड़ा आयोजन करना इतना सहज, सरल नहीं।  हमारे पुलिस कर्मी, जवान, पैरामिलिटरी फाॅर्स शिद्दत से अपना कर्तव्य निभा रही हैं।

लेकिन दुर्भाग्यवश भगदड़ में कई लोगों ने अपने प्राण गंवाए, जानकर मन व्यथित हो रहा हैं।  चाहे कानून व्यवस्था हो या, किसी मेले के आयोजन की व्यवस्था, व्यवस्थापक, जन प्रतिनिधि, प्रशासन, पुलिस के साथ जनता का अनुशासन, सहयोग अपेक्षित होता है।
आओ हम सहयोग कर, कानून, नीति नियमों का पालन करे।
पावन पुण्य बेला में गंगा स्नान का आनंद ले।  इतना पवित्र अवसर हमारे जीवन में दोबारा आना मुश्किल है।  दुर्लभ लाभ का लाभ अवश्य ले, लेकिन किसी की जान की कीमत पर नहीं।
अनुशासन, सहयोग, संयम ,समर्पण भाव से चले महाकुंभ मेले में दर्शन करने।
जय श्री राम। हर हर गंगे।
इस पर लोग क्या कह रहे हैं