प्यार के रंग
प्रतियोगिता के लिए (7)
दिल चाहता है...
दिल पर कहां होता है किसी का पहरा,कौन रोके सके उडते बादल आवारा?
मन की पांखें जो भरने लगी ऊंची उड़ान,
छू लेती नभ को, पा लेती अपना आसमान।।
दिल चाहता है, बादलों के पार चलूं,
प्यार की पुष्प क्यारियों सी मैं महकूं,
डगर डगर प्रेम ही प्रेम बरसाना पिया,
तितलियों सी इठलाती मस्त मगन हो चलूं।।
चंचल जैन