भारत की सेना!
नमन माँ शारदे 🙏🙏
सरसी छन्द: 16 11

औरों की रक्षा का बोझा, सैनिक ढ़ोते आज।
ए के सैतालिस हाथों में, निकले करने काज।
नवाचार से उन्नत सेना, करे युद्ध आगाज।
धरती बलिदानी वीरों की, जाने दुश्मन राज।

स्वरचित तथा मौलिक,
कुसुम अशोक सुराणा, मुम्बई।
इस पर लोग क्या कह रहे हैं