अनेकता में एकता
प्रतियोगिता 
देशप्रेम 

बहे प्रेम धारा

'अनेकता में एकता, बहे प्रेम धारा, 
'सत्यमेव जयते' हैं सिद्धांत हमारा,
बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय,
'वसुधैव कुटुम्बकं' सद्भाव हमारा।।
 
चंचल जैन

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