प्रगति पंथ पर भारत..

सीधी बात  शुभांशु शुक्ला से,

    हुई आज मोदी जी से।

संवाद हुआ धरा अंतरिक्ष का,

  खिलके वो मन मौजी से।।


भारत अब है प्रगति पंथ पर 

     आगे बढ़ता जाता है ,

 देता सहज समर्पण अपना,

   तभी सफलता पाता है ।।


प्रोत्साहन  बड़ा पारितोषिक, 

  उससे जज्बा खिलता है ।

  कौनसा भी क्षेत्र रहने दो,

  जज्बे से फल मिलता है।।



जोश बना रहे साहसी का ,

 हम सब एक  प्रयास करें ।

लिखे काव्य उन जांबाजों पे,

 जो नभ में अभ्यास करे।।


सूझ बूझ वो विलक्षण बुद्धि 

   अगर किसी में होती है 

निभायेगा वो‌ व्यवहारिकता 

   विवेक की वो पोती है ।।


स्वरचित: अशोक दोशी 




 





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