रुप सलोना माता का है महिमा अपरम्पार मां के महिमा की गाथा गाता पूरा संसार
दुर्गा अम्बे और भवानी माता के ही नाम
एक नाम में बसे हुए हैं देखो चारों धाम
मां के नाम से शक्ति है मां के ही नाम से भक्ति है
मां के पुण्य से अंबर है मां के प्रताप से धरती है
संपूर्ण जगत में करती है मां जीवन का संचार
मां के महिमा की गाथा गाता पूरा संसार
मां पर्वत से भी ऊंची ममता सागर सी गहरी
मां अपने भक्तों के मन में भाव है बनके ठहरी
माता के चरणों में जाकर पाप सभी मिट जाएंगे
ध्यान धरो मईया जी का संताप सभी मिट जाएंगे
धरा पर जब जब पाप बढे़ मां लेती है अवतार
मां के महिमा की गाथा गाता पूरा संसार
अपने सारे भक्तजनों हरदम मंगल करतीं माता जी
विघ्न क्लेश पीडा़ सभी के पल में हरती माता जी
शरण में माता के आसां सब इम्तिहान बन जाते हैं
माता के जो बने पुजारी वो महान बन जाते हैं
इस जग की नईया है माता माता ही पतवार
मां के महिमा की गाथा गाता पूरा संसार
मां के महिमा की गाथा गाता पूरा संसार
विक्रम कुमार
मनोरा , वैशाली