अपने
कोई फर्क नहीं पड़ता जब अपने पास होते हैं

जब वो दूर जाते है तब उनका एहसास हाता है

सब गिले सिकवे भूलकर सबको माफ कर दो

क्योंकि खुशियों को सहेजने का अंदाज ही अलग होता है ।

द्वारा Kapil Tiwari
Shared13 Dec 2025
Start 13 Dec 2025
End 13 Dec 2030
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