जीवन कहने को एक छोटा सा शब्द है, लेकिन इसका अर्थ बहुत गहरा है। ‘जी’ का अर्थ सम्मान से भी जुड़ा है। जब हम किसी के नाम के साथ ‘जी’ लगाते हैं, जैसे रामजी या मोदीजी, तो वह हमारे मन का सम्मान और आदर प्रकट करता है।
दूसरा शब्द है ‘वन’, जिसका अर्थ जंगल होता है। जंगल में अनेक प्रकार के पेड़-पौधे होते हैं। पेड़ हमें फल देते हैं, सांस लेने के लिए ऑक्सीजन देते हैं और तेज धूप में हमें छाया भी प्रदान करते हैं। इतना ही नहीं, जब पेड़ सूख जाते हैं तो उनकी लकड़ी से हम घर बनाते हैं और सर्दी के मौसम में आग जलाकर गर्मी भी प्राप्त करते हैं। इस प्रकार प्रकृति हमें जीवन जीने के लिए बहुत कुछ देती है और हमें जीवन का महत्व समझाती है।
जीवन में सुख भी है और दुख भी। दोनों ही हमारे लिए आवश्यक हैं। यदि इंसान हमेशा खुश ही रहे, तो उसे दुख का मूल्य कभी समझ में नहीं आएगा। दुख के समय हम कमजोर नहीं होते, बल्कि जीवन की कठिनाइयों से लड़कर और अधिक मजबूत बनते हैं।
कभी-कभी जो इंसान हमेशा सुख में रहता है, उसे अपने सुख का घमंड हो जाता है। घमंड आने पर वह दूसरों की भावनाओं को समझना बंद कर देता है और खुद को सबसे बड़ा समझने लगता है। लेकिन जब जीवन में सुख और दुख दोनों का अनुभव होता है, तब इंसान विनम्र, समझदार और संवेदनशील बनता है।
तब उसे यह एहसास होता है कि भले ही हम अलग-अलग जाति और धर्म के हों, लेकिन सबसे पहले हम इंसान हैं। जब भगवान हम सभी को सुख और दुख समान रूप से देते हैं, तो फिर हम साधारण मनुष्य होकर एक-दूसरे में भेदभाव क्यों करें? यही जीवन की सच्चाई है।” जो जीवित है उसकी मृत्य निश्चित है इस धरती पर कोई अमर नही है इसलिए हमे सबके साथ प्यार से रहना चाहिए और दूसरों की मदद करनी चाहिए
इसलिए हमें जीवन के हर सुख और दुख को स्वीकार करते हुए प्रेम, समानता और मानवता के साथ आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि यही जीवन की सच्चाई है।”