सुनो नारी
नारी ही सृष्टि की निर्माता है
तुम्हारी गोद में ही सम्पूर्ण विश्व समाता हैं,,
तुम ही मां सरस्वती हो तुम ही लक्ष्मी हो तुम ही दुर्गा का रुप हो
तुम ही बेटी हो तुम ही सहन हो तुम ही मां का स्वरुप हो,,
तुम ही लक्ष्मीबाई बन गौरों से लड़ गई हो
तुम ही मां पद्मावती सा जौहर कर गई हो,,
तुम ही मां पार्वती की तपस्या हो
तुम ही माता सीता की अग्नि परीक्षा हो,,
तुम ही माता रुक्मिणी का इंतजार होतुम ही मां राधा का अनन्त प्यार हो!!
-हर्षिता व्यास