फुलवारी!
नमन माँ शारदे
रासा छंद


वंदन    मातु-पिता   चरणों   में।
आशीर्वाद    मिले   शरणों   में।।
शुभ  चिंतक   अपने  हितकारी।
सौरभ छितराती तब फुलवारी।।

चंचल जैन
इस पर लोग क्या कह रहे हैं