2 3 4707 2 4707 संगीत घनाक्षरी छंद! दिनांक: 23/6/2025विषय: संगीत विधा: रूप घनाक्षरी!हो जीवन में संगीत, राग से रखना प्रीत, बनेंगे हमारे मीत, गाते रहे गीत गान।१। रहे गायन सात्विक, अभिप्राय हो मार्मिक, देगा सुख मानसिक, हो गीत का रस पान ।२।करें रोगों का निदान, लगा गीत में वो ध्यान, गायें इसे कृष्ण कान, बढ़े आकर्षण शान।३।आज कल के गीत, कान फोड़ू वो संगीत, भले न होवे प्रतीत, संस्कृति का घटा मान।४।स्वरचित:अशोक दोशी Label Directed by द्वारा अशोक दोषी Shared23 Jun 2025 Start 22 Jun 2025 End 22 Jun 2030 The Critic’s Corner इस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें कुसुम सुराणा 25-Jun-2025 Comment Like वाह! सुन्दर प्रस्तुति! अशोक दोषी 17-Jul-2025 Comment Like बहुत आभार Pranal Jain 05-Dec-2025 Comment Like बहुत खूब! संगीत घनाक्षरी छंद! © टिप्पणी 400 characters remaining जमा करें रद्द करें