लाडली बेटिया

नमन माँ शारदे

लाडली बेटियां

सुरमई  सरगम,
झरें मोती छमछम,
मधुर गीत गूंजन,
जैसे मीठी लोरियां।।

लहराती पवन सी, 
कलकल नदिया सी,
कलरव पंछियों सी,
चहके तितलियां।।

घर-आंगन की शोभा,
अंतस की प्रिय आभा,
मनमंदिर निनाद,
लाडली हैं बेटियां।।

सृष्टी रमणी शृंगार, 
प्रकृति का मोती हार,
स्वयंसिध्दा, शक्तिरूप,
सौभाग्य की पेटियां।।

 

स्वरचित  मौलिक  रचना
चंचल जैन



इस पर लोग क्या कह रहे हैं
  • बहुत सुन्दर कविता लिखी है। मैं आपकी लेखनी की सराहना करता हूँ।
  • बहुत सुन्दर | आगे जे वहाग का इंतज़ार रहेगा!🙏❤️🙏❤️🙏❤️🙏
  • बहुत सुन्दर कहानी! आगे जे वहाग का इंतज़ार रहेगा!🙏❤️🙏❤️🙏❤️🙏
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  • सुन्दर