अनुभव का मोल समझ पाना आसान नहीं है... अनुभव की थाती हमेशा विपरीत परिस्थितियों में काम आती हैं! मन जब दुविधा में हो तो अनुभव ही हमें लक्ष्य की ऒर बढ़ाने का रास्ता दिखाता है!
जीवन की भाग-दौड़ में हाँपते-हाँपते मुझे जंगल के शिकारी भेड़िये के जाल में फंसे कबुतरों की कहानी याद आ गई! एक बुढ़े, अनुभवी कबुतर की सलाह मानकर जब सभी कबुतर एक साथ जोर लगा कर जाल के साथ उड़ गए और जाल से मुक्त होने में सफल हो पाएं! अनुभव के बोल काम आएं और दर्जनों कबूतरों की जान बच गई
खेल के मैदान पर मैच जब एक रोमांचक मोड़ पर हो, जीत की संभावना दोनों टीमों के लिए समान हो तब एक अनुभवी कप्तान तनाव में भी आख़री गेंद पर सिक्सर मार कर हारी हुई बाजी को अपने पाले में कर, जीत का परचम लहरा सकता है!
एक अनुभवी राजनीतिज्ञ तमाम विपरित अवरोधों, विपरीत परिस्थितियों तथा गलाकांट प्रतिस्पर्धा के बावजूद भी देश को सफलता के मार्ग पर अग्रेसर कर, सफलता को अपनी मुट्ठी में कर सकता हैं, अपने अमूल्य तजुर्बे के बलबूते!
सफ़ेद बालों की चाँदी चमक में ही अनुभव का मूल्य समझ में आता है क्योंकि अक्सर विपदा के अंधेरों में ही उजली किरण ध्यान आकर्षित करती हैं| अनुभव ही है जो इन्सान को मानसिक दृष्टि से मजबूत बनाता है| यह तो सभी जानते-मानते हैं कि जिंदगी एक जंग हैं और जंग सिर्फ संसाधनों, तकनीक से ही नहीं अनुभव, सही व्युह-रचना और मन की दृढ़ता से जीती जाती है! इसीलिए बदलते मौसमों में झड़ते जीर्ण-शीर्ण पत्तों को भी पैर में कुचलने के बजाय उन्हें समेट कर, संजो कर रक्खो ताकि बुझे हुए चूल्हे में भी वो आग जला सके, विचारों चमकिले पत्थरों के आपसी घर्षण भी चिंगारी जला सकें!
स्वरचित तथा मौलिक,
कुसुम अशोक सुराणा, मुम्बई