दो मिंनट की ख़ुशी 

गर्मी के मौसम में अचानक ,
काफी सालो बाद एक ऐसी शख्सियत जिसे में जानती तो हु पर नाम भूल चुकी थी वो मेरी क्लासमेट थी |  
पर कुछ बॉन्डिंग ऐसी थी जो बया नहीं हो सकती थी उसने मुझे ८ सालो बाद स्कूल टाइम बाद अचानक मेरे ऑफिस के बाहर  देखा।
में बस एक कॉल करने अर्जेंट थोड़ा डोअ र  के  बाहर आयी थी वो मुझे देखते ही गले लग गयी जब तक में कुछ समझ ने की हालत में होती कुछ सोच पाती 
उससे पहले ही उसने मेरी कानो में मेरा नाम लेके बोला कैसी है यार पता नहीं कब से मिलना तो चाहती थी पर कॉन्टैक्ट नहीं मिला तेरा में पूरी तरह ब्लैंक थी 
दिल क्र रहा था जैसे थोड़ी देर और गले लगी रहु जैसे उस पल में बोहोत खुश हो गयी थी उसे देख के पर उसका नाम याद नहीं आ रहा था।  शायद उसे इससे कोई लेना  देना ना हो. मेने बोलै बोहोत अच्छा लगा यार तुम्हे यहाँ देखके पता नहीं जैसे दिल कर रहा है बोहोत बातें करू पर अभी दोनों भी बोहोत जल्दी में है। 
चल कोई नहीं तेरा फ़ोन देना जरा मेने अपना फ़ोन उसे दे दिया , उसने अपना नंबर सेव कर दिया और जल्दी जल्दी में बाय बोल के चली गयी जाते जाते बोली कैच यू ऑनलाइन ऑन वाट्सएप्प।  पर उसने तो मुझे बताया ही नहीं नंबर किस नाम से सेव किया और नहीं उसके पास मेरा कांटेक्ट नंबर है।  फिर से बिछड़ गए क्युकी उसने मुझे बताया ही नहीं सेव्ड नंबर क्या लड़की है यार।  फयूचर में फिर से रिग्रेट करेगी। पर ये दिन में कभी भूल नहीं सकती। जैसे सब कुछ भूल के मैंने इस पल को दिल भर के जी लिया था। रहेगी तुमसे फिर जल्द ही मिलने की। अपना ख्याल रखना दोस्त।


द्वारा Priyanka Suresh
Shared10 May 2026
Start 10 May 2026
End 10 May 2027
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