प्यार का इजहार
प्यार के रंग (2)
प्रपोज डे


प्यार का इजहार 

रुपा और साहिल सहपाठी थे। रुपा का मनमोहक रुप, निखरता यौवन और मोहिनी हंसी का दीवाना साहिल उसे अपनी जीवन संगिनी बनाना चाहता था। लेकिन कैसे अंतस भावना व्यक्त करूं? पशोपेश में था वह।
महाविद्यालय में वसंतोत्सव की धूम मची थी। महकते फूलों से समां सुहाना हुआ था। साहिल की दीवानगी दिन ब दिन बढती ही जा रही थी। मन ही मन ठान लिया उसने, आज वह अपने मन की बात रुपा को कह देगा। अपने प्यार का  इजहार करेगा। वह लाल गुलाब ले आया। जैसे ही मौका मिला, हिचकिचाते हुए ही सही, प्यार भरे अंदाज में रुपा को गुलाब देते हुए अपने मन की बात कह दी उसने। साहिल की दिवानगी रुपा को भी भाती थी। इंतजार था उसे भी इस सुंदर पल का। थाम लिया उसने साहिल का हाथ। अधर खामोश थे, नैन मुखर। दोनों के दिल की धडकन जैसे झंकृत हुई।
सबकी खिलखिलाती हंसी और दो प्रेमी दिलों के मिलन से बसंत और भी मादक हो गया।

स्वरचित मौलिक लघु कहानी
चंचल जैन

इस पर लोग क्या कह रहे हैं
  • बहुत खूब
  • बहुत खूब.. दीप से दीप जलेंगे तो जीवन रोशन हो जायेगा! प्रेरणादायक सुन्दर प्रस्तुति!
  • वाह! बहुत खूब... 🩷🩷