1 1173 1 1173 बैसाखी की लख लख बधाइयाँ! Play Audio शीर्षक : बैसाखी!पंथ खालसा जन्मा, जश्न मनाने आओ।बैसाखी का मौका, खूब भाँगड़ा पाओ।।खेतों में लहराएं, पके धान की बाली।गिद्दा पा कर देती, कुडियाँ सब को गाली।। स्वरचित तथा मौलिक, द्वारा कुसुम अशोक सुराणा, मुंबई, महाराष्ट्र Label Directed by द्वारा कुसुम सुराणा Shared14 Apr 2026 Start 14 Apr 2026 End 14 Apr 2027 Your browser does not support the audio element. The Critic’s Corner इस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें बैसाखी की लख लख बधाइयाँ! © टिप्पणी 400 characters remaining जमा करें रद्द करें