6 4 6882 6 6882 रोला छंद छोटी सी हो बात, बतंगड़ नहीं बनाना।कोई झोला छाप, सीख दे, हो न फ़साना।।लोग तमाशा देख, मजा लेते फोकट का।तड़पाये जब भूख, मिले दोना भोजन का।। स्वरचित मौलिक रचना चंचल जैनमुंबई, महाराष्ट्र Label Directed by द्वारा चंचल जैन Shared09 Dec 2024 Start 09 Dec 2024 End 09 Dec 2029 The Critic’s Corner इस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें कुसुम सुराणा 09-Dec-2024 Comment Like वाह! बहुत खूब... 🩷🩷 Chavi Jain Dhabaria 08-Jul-2025 Comment Like बहुत अच्छा लिखा है Pranal Jain 24-Aug-2025 Comment Like सुन्दर Creativeinfo Demo 12-Feb-2026 Comment Like सभी के लिए उपहार है ये पोस्ट रोला छंद © टिप्पणी 400 characters remaining जमा करें रद्द करें