*पक्षी*
पक्षी तेरा रस्ता निराला
उड़ सकता है चारों दिशा में
न कोई बंदिश, न कोई जकड़न
फिर भी करते है लोग अपहरण
तुम स्वतंत्र ही अच्छे लगते हो
तुमने देखा मौसम बदला
जो है मानव का किया हुआ
तू नहीं दे सकता उसे देश निकाला
पक्षी तेरा रस्ता निराला...
 
उड़ते जाओं जंगल ढूढ़ो
न मिले तो भगवान पुकारो
और मांगो अपना वरदान
कि न करे इंसान परेशान
देखना है तुम्हारा परिश्रम
तुम कैसे करते जीवन यापन
प्रकृति से गुहार लगाओं
संरक्षण हमको दिलवाओ
इंसानों को समझाना पड़ेगा
वरना निकलेगा हमारा दिवाला
पक्षी तेरा रस्ता निराला...
                -कपिल तिवारी

द्वारा Kapil Tiwari
Shared12 Dec 2025
Start 11 Dec 2025
End 11 Dec 2030
इस पर लोग क्या कह रहे हैं