गुरुवर को नमन नमन किये बिना गुरुवर 
होय न कोई काज 
आशीष मिले गुरुजनों का
ईश्वर भी देते साथ 
उपकार न भूलें कोई गुरु का 
बुद्धि मिले अपार 
ज्ञान का भंडार भरे 
बढ़े दिन ओ रात 
संशय न कीजे गुरु वचन 
 सच्चा गुरु करें न कभी पक्षपात 
सोना खरा गुरुदेव हो
वन्दू बारम्बार 
कमी रही कोई मुझमें 
घडि़ये हाथ लगाय  
ठोक ठोक सुधारिये 
कंचन मुझे बनाय ।।

चन्दा डांगी रेकी ग्रेंडमास्टर 
     मंदसौर मध्यप्रदेश

द्वारा Chanda Dangi
Shared04 Sep 2025
Start 04 Sep 2025
End 04 Sep 2030
इस पर लोग क्या कह रहे हैं
  • बहुत खूब वीणा जी! पुरानी स्मृतियों में आँसू और मुस्कान का इंद्रधनुषी जलवा नज़र आता हैं।