राखीपूनम
रक्षाबंधन पर्व 

आयो सावन झूम-झूम,
सुहानो हुओ मौसम,
रक्षाबंधन त्यौहार, 
वीरा वेगा पधारजो।।

संग भतीजा-भतीजी,
साथ हो प्यारी भाभीजी,
बाट जोहती बहना,
गोटा चुनरी लाइजो।।

भाई बहन रो प्यार,
निर्मल स्नेह दुलार,
रक्षासूत्र ओ पावन,
संस्कार न भुलाइजो।।

तीज उत्सव त्यौहार,
अंतस रो उजियार,
जीवन परमानन्द,
रिश्ता- नाता सहेजजो।।

स्वरचित मौलिक रचना
चंचल जैन
मुंबई, महाराष्ट्र
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