इमोजी

इमोजी

मेरे अंतस की भाव गंगा, 
प्रेषित करता है इमोजी।।

साझेदार मेरे मानस का,
परम मित्र, मेरा सहयोगी।।

मनोभाव मानस दर्पण, 
हर संदेश का यह साक्षी।।

मिडिया का हो सही उययोग,
उपभोगी न बने इमोजी।।

सोच समझ कर करे प्रयोग,
कहता हैं प्यारा इमोजी।।

स्वरचित मौलिक रचना 
चंचल जैन
मुंबई, महाराष्ट्र
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