2 1 4409 2 4409 इमोजी इमोजीमेरे अंतस की भाव गंगा, प्रेषित करता है इमोजी।।साझेदार मेरे मानस का,परम मित्र, मेरा सहयोगी।।मनोभाव मानस दर्पण, हर संदेश का यह साक्षी।।मिडिया का हो सही उययोग,उपभोगी न बने इमोजी।।सोच समझ कर करे प्रयोग,कहता हैं प्यारा इमोजी।।स्वरचित मौलिक रचना चंचल जैनमुंबई, महाराष्ट्र Label Directed by द्वारा चंचल जैन Shared18 Jul 2025 Start 18 Jul 2025 End 18 Jul 2030 The Critic’s Corner इस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें Intranet Demo 23-Jun-2026 Comment Like धन्यवाद! इमोजी © टिप्पणी 400 characters remaining जमा करें रद्द करें