1 1 4184 1 4184 बंधन आत्मीयता का भाई बहन का रिश्ता,अनूठा अद्भुत नाता,गरिमामयी प्रेमिल,आनंद खिलाइए।।पीहर लागे सुहाना,यादों से भरा खजाना,नटखट मन मोर,खूब मुस्कुराइए।।रक्षाबंधन उत्सव,संस्कार सजा वैभव,निर्मल परम खुशी,झोली भर लाइए।।रेशम धागा बंधन,प्रेम भाव हो चंदन,अपनों से मिलने का,हर्ष महकाइए।।स्वरचित मौलिक रचना चंचल जैनमुंबई, महाराष्ट्र Label Directed by द्वारा चंचल जैन Shared05 Aug 2025 Start 05 Aug 2025 End 05 Aug 2030 The Critic’s Corner इस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें कुसुम सुराणा 05-Aug-2025 Comment Like सुन्दर! बंधन आत्मीयता का © टिप्पणी 400 characters remaining जमा करें रद्द करें