विश्व साइकिल दिवस नमन माँ शारदे
भूषण छंद 


चले साइकिल लेकर हम, लहराती हो संग पवन।
हमराही हो मनभावन, गीत खुशी के गाता मन।।
बूँदों की सुन मधु सरगम, ऋतु अलबेली साथ सजन।
रंग खिले है मन उपवन, मनहर सुंदर धरा-गगन।।

स्वरचित मौलिक रचना 
चंचल जैन
मुंबई, महाराष्ट्र 
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