मैं ऑफिस के लिए तैयार हो रहा था कि तभी मेरा छोटा बेटा मेरे पास आकर बोला.. पापा चार दस्ते लाइन वाले पेपर चाहिए..
.. किसे.. मैंने पूँछा
.. हमारे एक टीचर को चाहिए..
.. तो मैं कहाँ से लाऊँ.. मेरी कोई दुकान है क्या स्टेशनरी की..
..नहीं अपने ऑफिस से लाने को बोला है..
मैंने कहा ये तो चोरी है तो वो बोला.. सर ने कहा है ये चोरी नहीं है.. ये तो करना पड़ता है.. वो बोला..
इसमें सर को फायदा हो जायेगा इसका बिल उठाकर.. और मुझे भी अच्छे नंबरों का फायदा हो जाएगा..
अच्छा.. कौन से टीचर ने बोला है..
.. अरे पापा.. आप जानते हैँ उनको.. वो शर्मा सर.. जो नैतिक शिक्षा पढ़ाते हैँ..
द्वारा मोहन शर्मा!