खोज
भूखा जो है भोजन खोजे, प्यासा जल की धार
थका आदमी बिस्तर खोजे,खोजे वैद्य बीमार

अपराधी को पुलिस खोजती, वोटर को सरकार
दुख में खोजता गांव समाज ,मतलब में रिश्तेदार

मोती दाना हंस खोजता,मेढ़क खोजे कीच
खोज ज्ञान की ज्ञानी करता, स्वार्थ खोजता नीच

आज के युग में कोई किसी को खोजे नहीं अकारण
जीने वाले मकसद खोजें , मरने वाले कारण

मजनू खोजे लैला अपनी रांझा खोजे हीर
बक्सा पेटी ताला खोजे और चौखट जंजीर

तीर खोजता धनुष हमेशा और म्यान शमशीर
निर्धन अपनी रोटी खोजे, जमींदार जागीर

कोई खोई किस्मत खोजे और कोई तकदीर
दवा खोजता है मरीज और दारु मदिरावीर

चूहे घर में बिल्ली खोजे हल को खोजे बैल
बाल सदा ही कंघी खोजे साबुन खोजे मैल

रानी राजा को खोजे और राजा खोजे राज
राज खोजता शासक जिसका अलग रहे अंदाज

कुछ नेता को ईडी खोजे कुछ को सीबीआई
और नेताजी लगातार ही खोज रहे कमाई

घर में बच्चे मस्ती खोजें बीबी खोजे दाई
वर्षा रानी खोजे बादल, पर्वत राजा खाई

जनता खोज रही अफसर को अफसर खोजे जात
जात खोजती नेता अपना,नेता खोजे ठाट

भारत माता खुशहाली को खोज रही है बैठ
सेना खोजे दुश्मन को, दुश्मन खोजे घुसपैठ

प्रेमी अपना प्यार खोजता,और प्यार विश्वास
विश्वास खोजके देता है अपनेपन का एहसास

अठरह खोज रहा उन्नीस को उन्नीस खोजे बीस
खोज रहा पांव जूता और जूता खोजे शीश

भोर सुहानी शाम खोजती,दिन को खोजे रात
भरी दुपहरी छांव खोजती,लिए धूप को साथ

बटालियन सैनिक खोजे और सैनिक खोजे रैंक
बैंक खोजते पैसेवाले, माल्या जी को बैंक 

हर कोई कुर्सी खोजे ,और कुर्सी खोजे मेज
दुल्हन खोजे धनी हो दुल्हा, दुल्हा खोजे दहेज

क्रांतिकारी झंडा खोजें, झंडा खोजे डंडा
डंडा खोजे शातिर,शातिर खोज रहा हथकंडा

बोलने वाले खोजें भाषण, चुप्पी वाले मौन 
औरों को तो सभी खोजते खुद को खोजे कौन


द्वारा Vikram Kumar
Shared20 Mar 2025
Start 20 Mar 2025
End 20 Mar 2030
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