सूरज की किरणें

सूरज की किरणें छिटकी,
सुबह की नई उमंग,
फूलों पर बसी बूँदें,
खुशियों की है संगम।

पत्तों की सरसराहट,
पवन का मधुर गीत,
प्रकृति की गोद में,
हर दिल का है यही जीत।

चंदा की चाँदनी रात,
सितारों की बारात,
सपनों में खो जाएं,
सुख की हो बात।

जीवन की इस राह पर,
साथ अपने चलें,
हर कड़ी में मुस्कान हो,
सपने सारे पलें।

आओ मिलकर गाएँ,
खुशियों का ये गान,
प्रेम से भरे इस जग में,
बनें सबका सम्मान।


द्वारा Suvayan Dey
Shared09 Apr 2025
Start 09 Apr 2025
End 09 Apr 2030
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