6 2 6820 6 6820 रोटी फोटो प्रतियोगितारोटी याद दिलाये माँ के नेह-ममता की,चुपडी रोटी, मन मोहे खुशबू देसी घी की,प्यार-दुलार, मोह-माया माँ के आँचल की,रोटी के आगे रंगत फिकी पंच पकवान की।।स्वरचित मौलिक रचनाचंचल जैन Label Directed by द्वारा चंचल जैन Shared31 Dec 2024 Start 31 Dec 2024 End 31 Dec 2029 The Critic’s Corner इस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें कुसुम सुराणा 31-Dec-2024 Comment Like वाह बाहय खूब! फूले हुएँ फूलके देख मुँह को पानी आ गया चंचल जी!❤️🙏❤️🙏❤️🙏❤️ ShadbKusum Admin 31-Dec-2024 Comment Like मम्मी की हथेलियों से बनी गरम गरम रोटियां के सामने सब कुछ फीका है 😍 रोटी © टिप्पणी 400 characters remaining जमा करें रद्द करें