Only In Your Arms Chapter 4

Only In Your Arms Chapter -4
Ab Aage ----
 

 रात्रि उस लड़की को  गुस्से से बहुत तरह से घूरती है जिस से वह लड़की वहां से जल्दी से वहां से चली जाती है।
जिस के बाद रात्रि जय की तरफ देखती है जो क्लब से बाहर निकल रहा था। जिस के पीछे रात्रि जाने लगती है।
 
वही अब क्लब के बाहर जय अपनी कार के पास आ कर बैठने ही वाला था तभी पीछे से आ कर रात्रि जय को बेक हग कर लेती है। जिस से जय कुछ पल के लिए रुक जाता है और कस कर अपने हाथ की मुट्ठी बंद कर देता है 
रात्रि रोते हुए कहती है ````" I am sorry Please I can't live without you,
मुझे ऐसे इग्नोर मत करो। 
प्लीज जय तुम जानते हो ना मै तुम्हे बहुत प्यार करती हूं। ओर तुम भी सिर्फ मुझ से प्यार करते हो। तो कैसे मुझ से मुंह फेर सकते हो।"
 
 
 
वही ये सुन कर जय गुस्से में पलट कर रात्रि की तरफ देख कर उस का हाथ पकड़ लेता है और उसे गुस्से में दांत पीसते हुए कहता है ```" प्यार करती हो मुझ से, नहीं रह सकती हो मेरे बिना, 
तो तुम किसी और के साथ उस के बिस्तर में क्या कर रही थी। रात्रि तुम ने मुझे धोखा दिया है, मेरी फीलिंग का मजाक बनाया है मै तुम्हे कभी भी माफ नहीं करूंगा। आज के बाद भूल जाना कि कभी जय मल्होत्रा तुम्हे खुद से भी जायदा प्यार करता था। नफरत हो गई है मुझे तुम से!"
 
 
कह कर जय गुस्से में रात्रि का हाथ झटक कर उसे खुद से दूर कर के अपनी कार में बैठ कर वहां से चला जाता है।
 रात्रि रोते हुए बस जय को देखती रह जाती है।
क्योंकि जय ने उसे अपनी जिंदगी से दूर कर दिया था।
 
वही जय कार ड्राइव कर के अपने लंदन में बड़े विला में पहुंच जाता है और विला के अंदर आ कर सीधा अपने रूम में जाता है जहां पर सब से पहले उस की नजर दीवार पर लगी हुई रात्रि की एक बहुत बड़ी तस्वीर पर जाति हैं।
जय गुस्से में फ्लॉवर बास को तस्वीर पर इतनी जोर से पटक देता है जिस से रात्रि की तस्वीर फर्श पर गिर कर कांच बिखर कर चूर हो जाती है।
जिसे देख कर जय अपना मुंह फेर लेता है और अपने रूम की खिड़की के पास आकर अपने पॉकेट से सिगरेट को होठों पर दबा कर लाइटर से जला कर कश लेते हुए वो सब सोचने लगा जब उस ने कल रात रात्रि को किसी और की बाहों में देखा था।
 

छोटा सा फ्लैश बैक 

जय जो फोन से पर दिशा से बात करते हुए अपने ऑफिस से बाहर आ रहा था।
"मॉम मै इंडिया आ रहा हूं ! ओर इस बार मै आप सभी के लिए एक सप्राइज ले कर आऊंगा। "
कह कर जय कॉल कट कर देता है और अब मुस्करा कर अपनी कार के अंदर बैठ जाता है । ओर वही कार ड्राइवर कार स्टार्ट कर देता है।
 
वही तभी जय की कार के एक बिल्डिंग के सामने आ रुक जाती है।
वही जय अपनी कार से अपने हाथो में रोज़ फ्लॉवर ले बुके को लेकर बाहर आता है जो उस ने रास्ते में खरीदे थे। बुके को देख कर जय मुस्करा कर खुद से कहता है।
 " रात्रि मुझे देख कर खुश हो जाएगी और साथ ही suprise भी, जब मै उसे ये कहूंगा कि मैं उसे लेकर इंडिया जाना चाहता हूं।" 
कहते हुए जय उस बिल्डिंग के अंदर लिफ्ट में चला जाता है। जो यहां पर रात्रि से मिलने उस के फ्लेट में आया था।
 
 दअरसल रात्रि पिछले चार साल से जय की जितनी अच्छी दोस्त थीं उतना ही जय उसे प्यार करता था। क्योंकि उसे लगता था कि रात्रि उस का साथ ओर ट्रस्ट कभी भी नही तोड़ सकती है। इसलिए अब जय रात्रि को इंडिया में ले जा कर दिशा से मिलना चाहता था और फिर रात्रि के साथ शादी करने के बारे में सोच रहा था।
 
 
लिफ्ट का दरवाजा खुल जाता है जिस से जय बाहर आ कर कॉरिडोर में आ जाता है जहां कुछ देर चल कर एक फ्लैट का बन्द दरवाजा था जो अंदर से लॉक था।
 जय कुछ नंबर प्रेस कर देता है जिस से दरवाजा खुल जाता है क्योंकि जय को पहले से ही पासवर्ड पता था।
 
 
फ्लैट में आ जय सीधा रात्रि के रूम की तरफ चला जाता है। ओर जैसे ही जय रात्रि का नाम लेते हुए उस के रूम मे आता है, सामने का नजारा देख कर उस के हाथ मे फ्लावर बुके नीचे गिर जाता है। 
जिसे देख कर जय गुस्से में चिल्ला कर कहता है!

" रात्रि!"
 
 
 
रात्रि जो बेड पे बिना कपड़े के किसी और लड़के की बाहों में  थी। 
 जय की आवाज सुन कर रात्रि जय को अब अपने सामने डर जाति है और जल्दी से अपने आप को चादर से कवर कर लेती हैं।
जय गुस्से में उस लड़के के पास आता है और उसे बुरी तरह से मारने लग जाता है क्युकी उसे इतना जायदा गुस्सा आ रहा था कि वो उस की जान लेना चाहता था।
 
जिसे देख कर रात्रि उसे अब रोकने की कोशिश करती है क्योंकि जय ने उस लड़के को मार कर अर्ध मरा 
कर दिया था।
 
 
"प्लीज जय! शांत हो जाओ। मैं तुम्हे सब एक्सप्लेन करती हूं। एक बार मेरी बात सुन लो।"
 
 

"जस्ट शट अप! समझ कर क्या रखा हुआ है तुम ने मुझे, हां। मैं पिछले चार साल से तुम्हारे साथ झक मार रहा हूं जो तुम यहां पर किसी ओर के साथ ये सब कर रही हो। ओर अब जब मुझे सब कुछ समझ में आ गया है कि तुम मेरे पीठ पीछे ये सब कर के मुझे चीट कर रही हो। फिर भी तुम्हे मुझे एक्सप्लेन करना है।
मैं यहां पर तुम्हे शादी के लिए प्रोपोज करने आया था। तुम्हे अपनी फैमिली से मिलवाना चाहता था सभी को सप्राइज देना चाहता था लेकिन तुम ने तो मुझे ही 
सप्राइज दे दिया। Why? "
 
 
जय की बात का अब रात्रि के पास कोई जवाब नही था लेकिन तभी वो रोते हुए जय के पास आने लगी थी कि तभी जय उसे गुस्से में देख कर बोलता है !
" Stay away me... because I hate you, हमारे बीच में जो कुछ भी था वो आज में यही पर खत्म करता हूं। मुझे तुम्हे देख कर ही नफरत हो रही है। "
 
फ्लैग बैंक एंड ``
 
 
 
जो कुछ भी हुआ उस से जय काफी हर्ट था लेकिन उसे खुद पर भी गुस्सा आ रहा था कि उस ने रात्रि से प्यार किया।
 
वही अब जय फोन निकाल कर किसी को कहता है " दो घंटे के अंदर मेरा जेट रेड्डी करो। मुझे अभी ही इंडिया जाना हे।"

इंडिया में 
 
सुबह के समय आयु जो आज देर तक सोने वाली थी क्युकी आज उस के कॉलेज की छुट्टी थी। लेकिन तभी आयु की नीद अपने आप खुल जाति है।
बेड पर बैठ कर आयु टेबल पर रखी हुई अपनि घड़ी 
को पकड़ कर टाइम देख कर मुंह बना कर कहती है 
" पता नहीं छुट्टी वाले दिन मेरी आंख जल्दी क्यों खुल जाती है। मुझे तो ओर सोना था लेकिन नीद तो पूरी गायब हो गई है। " 
ये कह कर घड़ी को अपनी जगह पर वापिस रख कर आयु वॉशरूम में चली जाती है।
 
जिस के कुछ देर बाद आयु फ्रेश हो कर मिरर के सामने आती है और खुद को देखती हे जिस के लबे काले बाल खुले हुए थे। जिसे देख कर आयु उन्हें अपने हाथों से पकड़ कर पूरा घुमा कर एक जुड़ा कर देती है।
उछलती हुई रूम से बाहर निकल जाति है और रूम से बाहर आ कर कुछ सोच कर वीर के रूम मे चली जाती है।
जहां पर कोई भी नही था जिसे देख कर आयु खुद से कहती हैं!
" ये  बंदर सुबह सुबह कहां गुलाटी मारने चला गया।"
 
तभी उसे सामने से वीर दिखाई देता है जो कानो मे हेड फोन लगा कर ओर डांस के कुछ मूव करते हुए अपने ध्यान में रूम की तरफ आ रहा था।
 
 
 
उसे देख कर आयु के दिमाग में कुछ खुराफात चलने लगी थी इसलिए वह वही एक पॉल के पीछे पीछे छुप जाती है। ओर वीर के आने का वैट करती है।
जैसे ही उसे जूते की आवाज नजदीक से सुनाई देती है तभी आयु अपने बालों को खोल कर आगे की तरफ करते हुए पूरे चेहरे पर बिखेर देती है। और एक दम से पोल से बाहर आ का सामने खड़े हुए शख्स को बिना देख कर डराने लगी थी। जो उसे देख कर कोई रिएक्ट नही करता है। वही आरजू जो इस वक्त अपने कानो में वीर की डरती हुई आवाज या चीख एक्सपेक्ट कर रही थी।
जिस का अभी तक कोई रिस्पोंस नही था जिस से आयु अपने चेहरे पे अपने बालो को हटा कर सामने देखती है जिसे देख कर आयु खुद डर जाति है और जोर से चीखने लगी! अ अ अ आ "
 
 
To be continue 
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Author KT Girl 
Thank you 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 


द्वारा KT Girl
Shared03 Jan 2025
Start 02 Jan 2025
End 02 Jan 2030
इस पर लोग क्या कह रहे हैं
  • क्या खूब लगती है, बड़ी सुन्दर दिखती है ❤️❤️❤️❤️
  • आप से जुड़ कर, कविता पढ़ कर बहुत अच्छा लगा!🙏❤️🙏❤️🙏