देश प्रेम प्रतियोगिता

देश प्रेम प्रतियोगिता चार पंक्ति में


वीरों ने देकर बलिदान देश को बचाया था।

बजा बिगुल आजादी का तिरंगा फिर लहराया था।

 गणतंत्र दिवस है आया फहराएं तिरंगा प्यारा 

एकता का दीप जलाएं संदेश फैलाए भाईचारा का।



श्रीमती सविता शर्मा 

मुंबई 

इस पर लोग क्या कह रहे हैं
  • बहुत सुन्दर कविता लिखी है। मैं आपकी लेखनी की सराहना करता हूँ।