जीवन जीने के लिए...

प्रदत्त वाक्य- जीवन जीने के लिए 
विधा -दोहा छंद

जीवन जीने के लिए, करना कुछ तो काम।
 यथा योग श्रम साथ में, हमें कमाना दाम।।

चाहे  धन कुछ कम मिले, होना मत बदनाम। 
जीवन जीने के लिए, करें प्रमाणिक काम।।‌

जीवन जीने के लिए,अति आवश्यक धर्म।
सफल सुचारू जीवनी,तब तो उसका मर्म ।।

कर्म धर्म सार्थक करें,जीवन का हर अंग। 
लेना दर्शन ज्ञान वो, करें  ध्यान सत्संग।।

अर्थ काम पथ मोक्ष का,जाने धर्म विज्ञान।
दैनिक जीवन का यही, देता  हमें निदान।।

भाग्य कर्म के मेल से,पाते सफल मुकाम।
संग अगर जो धर्म हो, मिलते शुभ परिणाम।।

स्वरचित:अशोक दोशी
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