महाकुंभ
सनातन का मान और प्रचार महाकुंभ है
देवर्षियों का तप है और विचार महाकुंभ है
जमावड़ा संतों का होता है बड़े उल्लास से
संसार के संतों का तो संसार महाकुंभ है 

ऋषियों व मुनियों का दिया ज्ञान महाकुंभ है 
परंपराओं का सही बखान महाकुंभ है 
डुबकी लगाने आते यहां लोग पूरे विश्व से
है देवलोक सा, बड़ा महान महाकुंभ है 

दोषों-दुर्गुणों का भी निदान महाकुंभ है
अलग ही एक दुनिया और जहान महाकुंभ है
अद्वितीय है चीज ये केवल है अपने हिंद में
अनुदान है भगवान का वरदान महाकुंभ है

अवसर बड़ा पुनीत और पवित्र महाकुंभ है
संस्कृतियों का जीवंत चित्र महाकुंभ है
इसकी धरा पर सदा सत्कर्म का ही वास है 
शत्रु पाप का पुण्य का मित्र महाकुंभ है 

हिंद का तो हर्ष और उल्लास महाकुंभ है
देवों और सुरों का ही निवास महाकुंभ है
महिमा निराली है इसकी रूप भी निराला है
विशेष है कई मायनों में खास महाकुंभ है



द्वारा Vikram Kumar
Shared15 Feb 2025
Start 15 Feb 2025
End 15 Feb 2030
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