हमारे पूरखों की धरती, हमारा गाँव, पाली जिले में बसा, सादड़ी! आज भी अरावली की वादियों में गुंजती हैं महाराणा प्रताप की शौर्य गाथाएं, भामाशाह की दानवीरता के किस्से, स्वदेश की स्वतंत्रता को अक्षय रखने के लिए किया गया संघर्ष और कुंभलगड की वादियों में प्रतिध्वनित होती, वीरों का वखाण करती मधुर, सुस्वर लौरियाँ! मेरा गाँव, इतिहास के पन्नों पर अंकित हैं इसका मनोरम श्रुँगार! गाँव से सिर्फ नौ किलोमीटर की दूरी पर हैं विश्वविख्यात आदिनाथ दादा का तीन मंजिला मन्दिर.. अपनी अद्भुत शिल्पकला तथा भौमितिक क्षमता का प्रमाण देता, दर्शकों को मुँह में उंगली दबाकर देखने को मजबूर करता अप्रतिम शिल्प! आज भी इस मन्दिर में कितने स्तंभ हैं इस पर संभ्रम बरकरार हैं! आज भी सादड़ी में वह वावड़ी हैं जहाँ भामाशाह के भाई ताराचंदजी वीरगति को प्राप्त होने के बाद उनकी पांच रानियाँ सती हुई थी! आज भी कावेड़िया परिवार वहाँ जात देता हैं हर मंगल अवसर पर! धन्नासेठों का गाँव सादड़ी! स्कूल, अस्पताल, बाज़ार, महल-मेरियों से लैस! आज भी महलों की मुंडेर पर मोर टुँहुंका कर पुरानी यादों को ताज़ा करता हैं तो बाज़ार में बने संगमरमर के प्याऊ, जानवरों के लिए पानी की व्यवस्था, गौशालाएं हमारी मानवीय संवेदनाओं की पुष्टि करती हैं! अलग अलग वास में बसा गाँव आज भी चुम्बक सा मुझे खिंचता हैं, यहाँ की रेत में निपजी सब्जी की मिठास शहर के बेस्वाद खाने और मानवीय खोखलेपन को अनायास ही उजागर कर देती है!
आज यह गाँव खाली पड़े हैं! पल-पल डिस्को करती बिजली, कभी कभार लहरी पनिहारिन सा घंटा दो घंटा नल से आता पानी, खंडहर सी पुरानी हवेलियों को लटकते जाले, गुटर-गु करते कबूतर और खाँसते बुजुर्ग हैं आज गाँव की हकीकत! बावजूद इसके आज भी मेरा गाँव मुझे अक्सर तन्हाईयों में आवाज़ देता हैं! किसन जी कुल्फी और चुंगी के लिए तरसता हमारा मस्तमैला बचपन याद आता हैं! कुएँ से पानी निकलना और कभी कभी गलती से कुएँ में गिरी बाल्टी को 'मिनकी ' से निकालने की जद्दोजहद याद आती हैं! बस स्टैंड पर खाई मुंगदाल की कचोरी, मिर्ची वडा और इमली चटनी को याद कर मुँह में पानी आता है और बचपन के वो सुनहरे पल अवचेतन मन को झकझोरने लगते हैं! मन सवाल करता है आखिर क्यों आकर बसें हैं हम इन 10×12 की 'खोलियों' में? वो झिणी-भीगी रेत हमें ललचाती हैं.. कहती हैं.. प्यारा सा गाँव हमारा... आओ! वतन पुकारे तुम्हारा!
स्वरचित तथा मौलिक,
कुसुम अशोक सुराणा, मुंबई, महाराष्ट्र।