शब्द कुसुम
#दिनांक -04/09/2025
#विषय --शिक्षक दिवस पर खास प्रतियोगिता
#विधा --कविता
शुभकामना शिक्षक दिवस की,
तहे दिल से देते हैं ।
जिन पूज्यों ने गुर ज्ञान दिया ,
वंदन उन्हें कर लेते हैं।।
जो सिखलाए नैतिक शिक्षा ,
कैसे उनको भूलेंगे ।
बताए व्यापार विनिमय गुर,
गुरु चरणों को छू लेंगे।।
पहली शिक्षक माता मेरी,
उनका कब कोई सानी।
काम आये जीवन में मेरे ,
दादा दी दादी नानी।।
साथी सृजक बने निज शिक्षक,
नाम भी बता देता मैं ।
पर लंबी सूची गुरुओं की,
बने मेरे प्रणेता वे।।
सभी शिक्षक रिढ़ की हड्डी,
बने आधार मेरे हैं ।
दूर करे उठती शंका जो
अंबक पर अंधेरे हैं ।।
उपकारी को कैसे भूले
बिसरें कब उपकारों को
शिक्षक दिवस शुभ अवसर पर
बहा प्रीत मन धारों को ।।
स्वरचित:अशोक दोशी